लखनऊ में मेट्रो कॉरिडोर के लिए सर्वे का काम शुरू
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने बसंतकुंज से आईआईएम तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के लिए सर्वे का बाम शुरू करा दिया है। माना जा रहा है कि यह कॉरिडोर शहर के उत्तरी और शैक्षणिक क्षेत्र को बड़ी राहत देगा। छह महीने में तय होगी लागत और स्ट यूपीएमआरसी के प्रबंध निर्देशक सुशील कुमार ने शासन को जानकारी दी है कि सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। सर्वे के आधार पर यह लए होगा कि कुल रूट की लंबाई कितनी होगी, परियोजना की लागत क्या आएंगी और कॉरिडोर का कितना हिल्ता एलिवेटेड (ओवरहेड) तथा किवना भूमिगत (अंडरग्राउंड) बनेगा। सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित कॉरिडोर लगभग 10 किलोमीटर लंबा हो सकता है और इसका अधिकांस हिस्सा एलिवेटेड बनाए जाने की संभावना है। इससे निर्माण लागत अपेक्षाकृत कम रहेगी और कार्य भी तेजी से पूरा किया जा सकेगा। चारवान वसंत कुंज के बाद इत्तका मंबर स्लिहाल चारबाग से बसंत कुज योजना तक मेट्रो विस्तार का निमांग कापं जल्द शुरू होने जा रहा है। इसी घरण के पूरा होने के बाद बसंत कुंज से आईआईएम तक वित्तार की द्विशा में देस कदम बढ़ाए जाएंगे। इस सप्ट के शुरू होने से छात्रों, शिक्षकों और आसपास की बढ़ी आबादी को सौथा लाभ मिलेगा। आईआईएम और आसपास के शैक्षणिक संस्थानों तक सार्वजनिक परिवहन को बेहतर सुविधा की लखे समय से मांग रही है। मेट्रों पहुंचने से यातायात दबाव भी कम होगा मु और शहर के इस हिस्से का विकास तेज होगा। राष्ट्र प्रेरणा स्थल कॉरिडोर फिल्हाल ठंडे बस्ते में बहीं, यूपीएनज्रों ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल तक मेट्रो विस्तार के पस्ताव को फिलहाल रोक दिया है। उसका तर्क है कि नॉर्थ साउय कॉरिडोर को पहले हो केंद्र और राज्य सरकार से मंजूरी मिल चुकी है और उसका निर्माण शुरू होना है। मंदि राष्ट्र है। प्रेरना स्थल का हिस्सा जोड़ दिया जाता है तो परियोजना में संशोधन के लिए केंद्र से दोबारा मंजूरी लेनी पड़ेगी, जिससे व लंबा विलंब हो सकता है। इस हिस्ले पर करीब 757 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ब्यय आएगा, जिससे बजट पर भी दभाव बढ़ेगा। इसी कारण इस प्रस्ताव को अभी ने लंबित रखने का निर्णय लिया गया है।
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