भारत टैक्सीः अन्याय को समाप्त करने वाली क्रांतिकारी सहकारी पहल
-राकेश चन्द्र शुक्ला
भारत का परिवहन क्षेत्र लंबे समय से निजी कंपनियों के उच्च कमीशन और शोषण का शिकार रहा है। “भारत टैक्सी” इसी अन्याय को समाप्त करने वाली क्रांतिकारी सहकारी पहल है, जिसे केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय ने ड्राइवरों को सशक्त बनाने के लिए शुरू किया है। यह मॉडल न केवल ड्राइवरों को मालिक बनाता है, बल्कि यात्रियों को सस्ती, सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा भी प्रदान करता है। सहकारिता के सिद्धांतों पर आधारित एक स्वदेशी समाधान।
5 फरवरी, 2026 को अपराह्न प्लेनरी हॉल, विज्ञान भवन, नई दिल्ली में इसका भव्य उद्घाटन हुआ। मुख्य अतिथि अमित शाह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री के नेतृत्व में कृष्ण पाल गुर्जर एवं मुरलीधर मोहोल केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री, की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह केवल एक ऐप लॉन्च नहीं, बल्कि सहकारिता आंदोलन के इतिहास में मील का पत्थर हैं, जो लाखों ड्राइवरों को आर्थिक स्वावलंबन की ओर ले जाएगा।
भारत टैक्सी कोई निजी कंपनी का प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि बहु-राज्य सहकारी सोसाइटी द्वारा संचालित ड्राइवर-स्वामित्व वाला सिस्टम है। NeGD के तकनीकी सहयोग से विकसित यह ऐप अमूल, IFFCO, NABARD जैसी विश्वसनीय सहकारी संस्थाओं का पूर्ण समर्थन प्राप्त कर रहा है। यहां ड्राइवर केवल चालक नहीं, बल्कि सदस्य-मालिक हैं, उन्हें बोर्ड में प्रतिनिधित्व, निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी तथा अपनी पूरी कमाई पर अधिकार मिलता है। Ola@Uber जैसे प्लेटफॉर्म्स के 20-30 प्रतिशत कमीशन के बोझ से मुक्ति मिलती है; जीरो-कमीशन मॉडल में ड्राइवर 80-100प्रतिशत आय रखते हैं। मामूली दैनिक,साप्ताहिक,मासिक सदस्यता शुल्क से स्थायी और पारदर्शी आय सुनिश्चित होती है, जबकि लाभ सीधे सदस्यों तक पहुंचता है और कोई कॉर्पोरेट मुनाफाखोरी नहीं।
Android और iOS दोनों पर उपलब्ध यह ऐप सरल रजिस्ट्रेशन से शुरू होता हैकृत्वरित बुकिंग, कैब/ऑटो/बाइक टैक्सी की सुविधा, GPS आधारित लाइव ट्रैकिंग तथा परिवार के साथ ट्रिप शेयरिंग। UPI कार्ड और नकद भुगतान विकल्पों के साथ हिंदी, अंग्रेजी एवं क्षेत्रीय भाषाओं में इंटरफेस 24x7 ग्राहक सहायता प्रदान करता है। यह तकनीक ड्राइवरों को अधिक राइड्स और यात्रियों को सहज अनुभव देती है।
पीक आवर्स में भी सर्ज-फ्री किराया, पारदर्शी मूल्य निर्धारण तथा कोई छुपा शुल्क नहीं, किराए में 20-30 प्रतिशत तक कीमतें कम हो सकती हैं। यह मॉडल यात्रियों को विश्वास दिलाता है कि उनका पैसा सीधे ड्राइवर तक पहुंच रहा है, न कि कॉर्पोरेट खजाने में।
सभी ड्राइवरों की सत्यापित प्रोफाइल SOS इमरजेंसी बटन, डिजिलॉकर/UMANG से आईडी वेरिफिकेशन तथा पुलिस सिस्टम से इंटीग्रेशन की योजना। सरकारी निगरानी में शिकायत निवारण से यात्रियों और ड्राइवरों दोनों को सुरक्षा का पूर्ण भरोसा मिलता है,कोई अनधिकृत गतिविधि या धोखाधड़ी की गुंजाइश नहीं।
शुरुआत लगभग 5,000 ड्राइवरों से होगी, पहले चरण में दिल्ली, मुंबई सहित 20 प्रमुख शहरों संचालन होना है। मार्च 2026 तक महानगरों में विस्तार तथा 2030 तक 1 लाख से अधिक ड्राइवरों के साथ पूर्ण राष्ट्रव्यापी नेटवर्क का लक्ष्य रखा गया। महिला ड्राइवरों को विशेष प्राथमिकता देकर लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लाखों परिवार सशक्त होंगे।
भारत टैक्सी केवल एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि आर्थिक लोकतंत्र का जीवंत प्रतीक है। यह ड्राइवरों को सम्मानजनक आय, यात्रियों को किफायती विकल्प तथा देश को आत्मनिर्भर डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करती है। पूर्ण विश्वास है कि सहकार से समृद्धि का यह मार्ग भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
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